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Bhoot ki kahaniya in hindi

Bhoot ki kahaniya in hindi

Bhoot ki kahaniya in hindi
Source:-pixabay.com
Bhoot ki kahaniya in hindi
 Bhoot ki kahaniya in hindi,एक कहानी मेरा दोस्त विक्रम की सच्ची कहानी पर आधारित है.16 जून 2008 की रात 26 साल की विक्रम के साथ एक ऐसा हादसा हुआ जिसे सोचकर वह आज भी चैन से सो नहीं पाता है.

विक्रम की नई नई शादी हुई थी और उस रात को अपने पत्नी के साथ पहली बार सुहागरात मनाने वाला था.उसकी दुल्हन उसका बेडरूम में इंतजार कर रही थी.

पूरा कमरा फूलों से सजा हुआ था और बिस्तर पर गुलाब की फूल बिछे हुए थे.विक्रम वैसे तो बहुत खुश था लेकिन एक बात उसे बहुत परेशान कर रहे थे.

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उसकी शादी के 4 दिन पहले वह लेट नाइट अपने दोस्तों के साथ अपनी बैचलर पार्टी करके वापस आ रहा था.तभी उसके सामने एक गाड़ी ने एक औरत को पूरी तरह कुचल दिया.

Bhoot ki kahaniya in hindi,विक्रम को समझ नहीं आया कि वह क्या करें,विक्रम ने उस औरत को रास्ते पर तड़पते हुए छोड़कर घर आ गए.तब से विक्रम के दिमाग में बस उसी औरत का चेहरा सामने आ रहा था और उसे वैसे छोड़ने के लिए खुद को दोषी मान रहे थे.

विक्रम जब कमरे में गुस्सा तब उसने देखा कि उसका दुल्हन कहने से सजी घुंघट पूरे बिस्तर पर बैठे हुए थे और उसके चेहरे पर हल्की सी मुस्कान थी जिसे देखकर विक्रम अपने टेंशन को भूल गया और अपने दुल्हन के पास गया.
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पर जैसे उसने उसका घूंघट उठाया उससे उस औरत का भयानक चेहरा दिखा और वह डर के मारे पीछे हट गए.उसने देखा वहां उसकी खूबसूरत बीवी थी जो उसकी ऐसा व्यवहार को देखकर काफी चिंतित हो गई.

विक्रम ने उसको sorry बोला और बताया कि वह थोड़ा परेशान चल रहा है और उसे सोचना चाहिए,
इतना कहकर विक्रम लाइट बंद करके लेट गया और उसकी बीवी भी सो गई.

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देर रात रूम के अंधकार में खिड़की से आती हुई एक रोशनी सीधा विक्रम के मुंह पर पड़ रही थी जिसके वजह से उसका नींद खुल गई.जब उसने आंखें खोल कर देखा उसके रूम में एक काली परछाई धीरे-धीरे उसकी तरफ आ रही थी
एकदम से घर की लाइट जलना बंद होना शुरू हो गई और वह परछाई बड़े होते चले गए.

Bhoot ki kahaniya in hindi,अचानक उसके सामने वही औरत खड़ी थी विक्रम ने हुई औरत को देखकर बहुत ज्यादा डर गया और चिल्ला उठा.उसकी चिल्लाने की आवाज से उसका बीवी की नींद खुल गई और उसने लाइट ऑन करते ही उसका बीवी ने देखा विक्रम बिस्तर पर बेहोश पड़ा है.उसने बाकी घर वालों को बुलाया और उसके ऊपर पानी छिड़का.जब विक्रम को होश आया तब वह 4 दिन पहले की घटना की बारे में बताया.

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तब किसी जान पहचान वाले ने बताया कि उसके पड़ोस में भी एक औरत की 4 दिन पहले एक एक्सीडेंट से मौत हुई.पता चला तो वही औरत थी जिसे विक्रम ने ऐसे ही छोड़ दिया था.विक्रम ने भगवान से अपने भूल के लिए माफी मांगी.

Bhoot ki kahaniya in hindi,विक्रम को आज तक नहीं पता सच में उस औरत की आत्मा उस रात आई थी कि बस सब उसकी मन का बहन थी.बस उस रात से विक्रम को वह औरत कभी नहीं देखी.

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